गर्मियों में मन शांत रखने के आसान तरीके
नमस्ते बहनों। सुबह-सुबह जब सूरज की पहली किरण तुलसी के पौधे पर पड़ती है और रसोई से चाय की खुशबू आने लगती है, तभी से दिन की भागदौड़ शुरू हो जाती है। जेठ-आषाढ़ की इस तपती गर्मी में जब रसोई का तापमान बढ़ने लगता है और पूरे परिवार के लिए तीन वक्त का ताजा खाना बनाना पड़ता है, तो शरीर के साथ-साथ मन भी थक जाता है। ऐसे में चिड़चिड़ापन होना और गुस्सा आना बहुत स्वाभाविक है। आज हम बात करेंगे कि इस भीषण गर्मी और मानसिक शांति के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए, ताकि हमारा घर भी शांत रहे और हमारा मन भी।
शरीर को ठंडा रखना ही मन को शांत रखने की पहली सीढ़ी है
मेरी दादी हमेशा कहती थीं कि जैसा अन्न, वैसा मन और जैसा पानी, वैसा तन। जब शरीर के अंदर की गर्मी बढ़ती है, तो हमारा दिमाग भी गर्म होने लगता है। इसलिए सबसे पहले अपने शरीर को अंदर से ठंडा रखना जरूरी है। इसके लिए फ्रिज के ठंडे पानी की जगह मटके का पानी पिएं। सुबह के समय पुदीने का पानी या सत्तू का शरबत पीना बहुत फायदेमंद होता है। सत्तू न केवल पेट को ठंडा रखता है बल्कि हमें दिनभर के कामों के लिए ऊर्जा भी देता है। दोपहर के भोजन में दही और छाछ को जरूर शामिल करें। ये छोटे-छोटे घरेलू उपाय हमारे शरीर के तापमान को नियंत्रित रखते हैं जिससे मानसिक थकान कम होती है।

दोपहर का आराम और मानसिक थकान से मुक्ति
एक संयुक्त परिवार में रहते हुए अपने लिए 'me time' निकालना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन जब दोपहर में सब सो रहे हों या अपने कामों में व्यस्त हों, तो अपने लिए कम से कम 15-20 मिनट का समय जरूर निकालें। इसे दोपहर की नींद नहीं, बल्कि एक छोटा सा मानसिक विश्राम कहें। इस समय हल्के सूती कपड़े पहनकर, पंखे की ठंडी हवा में बैठें और अपनी सांसों पर ध्यान दें। यह छोटा सा ठहराव आपके गुस्से को कम करने और चिड़चिड़ापन दूर करने में बहुत मदद करेगा। याद रखें, यदि आप शांत रहेंगी, तभी पूरे घर में शांति बनी रहेगी।
दैनिक आदतें जो गर्मी के तनाव को कम करेंगी
गर्मी से बचाव के लिए हमारी दैनिक आदतें बहुत मायने रखती हैं। सुबह जल्दी उठकर जब हवा में थोड़ी ठंडक होती है, उस समय प्राणायाम करना बहुत लाभकारी होता है। इसके अलावा, मौसमी और ताजे फल जैसे तरबूज, खरबूजा और ककड़ी का सेवन करें। ये फल शरीर में हाइड्रेशन बनाए रखते हैं। जब शरीर में पानी की कमी नहीं होगी, तो सिरदर्द और गर्मी का तनाव भी अपने आप कम हो जाएगा। शाम के समय जब धूप कम हो जाए, तो घर के आंगन में थोड़ा टहलें और प्रकृति से जुड़ें।
मेरी प्यारी सखियों, इस गर्मी में अपने परिवार की देखभाल करते-करते खुद को मत भूल जाना। आप इस घर की धुरी हैं। यदि आप स्वस्थ और शांत रहेंगी, तो आपका पूरा परिवार खुशहाल रहेगा। खुद पर बहुत अधिक दबाव न डालें, कभी-कभी काम थोड़ा धीमा भी हो जाए तो कोई बात नहीं। आशा करती हूं कि ये छोटे-छोटे उपाय आपके जीवन में शीतलता लाएंगे। मुझे जरूर बताइएगा कि आपको इनसे कितनी राहत मिली। आपका घर हमेशा सुख और शांति से भरा रहे।


